
युग भारती परिचय
गठन
मूल
युग भारती कानपुर (भारत) के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान ‘दीनदयाल विद्यालय’ के पूर्व छात्रों की संस्था है।
उद्देश्य
राष्ट्र-निष्ठा से परिपूर्ण समाजोन्मुखी व्यक्तित्व का उत्कर्ष
आकार
२०+ देशों के ५०+ नगरों में ४५००+ सदस्य
विविधता
युग भारती के सदस्य जीवन के सभी क्षेत्रों में सक्रिय हैं, यथा – राजनीति, विधि, प्रबंधन, रक्षा, पुलिस, कृषि, उद्योग, व्यापार, चिकित्सा, अध्यापन, प्रशासन, विज्ञान, तकनीक, साहित्य, कला, भाषा, पत्रकारिता, देशाटन, आदि।
मुख्य शाखायें
भारत – सरौंहा, कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, पुणे, बंगलौर, हैदराबाद, अहमदाबाद,
अन्य – सिंगापुर, अमेरिका, इंगलैंड, दुबई, यूरोप
निधि/संपत्ति
सदस्यता शुल्क, प्रकल्प सहयोग, ग्राम सरौंहा (उन्नाव, उत्तर प्रदेश) में एक आवास भवन व हनुमान मंदिर
पंजीकरण
युग भारती भारत सरकार के सोसाइटी पंजीकरण एक्ट १८६० के अंतर्गत पंजीकृत है।
संचार-सेतु
संबंध: वाट्सेप कुल
लोकप्रिय मंच वाट्सेप पर युग भारती के अनेक कुल हैं।
संपर्क
अधिक जानकारी अथवा सहयोग हेतु निम्नांकित से संपर्क करें।
मेघ-पटल
मेघ-पत्र
टेलीग्राम सूचना कुल
दूरभाष
- महामंत्री, मोहन कृष्ण (Secretary, Mohan Krishna): +91-98390-84301
- अध्यक्ष, राजेश खरे (President, Rajesh Khare): +91-98391-24454
- संपर्क सचिव, मनीष कृष्ण (Communication Secretary, Manish Krishna): +91-94150-87730
- संरक्षक, आचार्य श्री दीपक राजे (Trustee, Teacher Shri Deepak Raje): +91-94151-32541
- मुख्य संरक्षक, आचार्य श्री ओमशंकर त्रिपाठी (Chief Trustee, Teacher Shri Om Shankar Tripathi): +91- 99353-68353
कार्य-वर्ग
युग भारती का कार्य निम्नांकित पाँच वर्गों में विभाजित है।
1. संगठन (Bonding)
2. स्वास्थ्य (Health)
3. संस्कार (Culture)
4. शिक्षा (Education)
5. स्वावलंबन (Self-reliance)
युग भारती के मुख्य प्रकल्प निम्नांकित हैं।
मुख्य प्रकल्प
1. संगठन (Bonding)
मिलन (Reunion)
सदस्यों व परिवारों को जोड़ने हेतु युग भारती अनेक वार्षिक व सामयिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है.
संवाद (Interaction)
निरंतर संवाद हेतु युग भारती व इसके सदस्यों ने लोक-संपर्क मंचों पर अनेक कुल बनाये हैं।
संकट-सहाय (Crisis Help)
संकट में सदस्यों की सहायता हेतु युग भारती व इसके सदस्य सदा तत्पर रहते हैं.
2. स्वास्थ्य (Health)
जागरूकता (Awareness)
व्यापक रोगों के समय में युग भारती लोक-संपर्क मंचों पर उपचार व परिचर्या निर्देश उपलब्ध करती है, यथा – कोरोना।
परामर्श (Counseling)
गत छः माह से युग भारती फ़ोन पर चिकित्सा परामर्श सेवा चला रही है, जिसमें अनेक विशेषज्ञ विभिन्न रोगों का निदान करते हैं।
शिविर (Camps)
समय-समय पर युग भारती ग्रामों-नगरों में चिकित्सा शिविर लगाती है, जिनमें निदान, उपचार, ओषधि-वितरण, परिचर्या आदि किये जाते हैं।
रक्तदान (Blood Donation)
अनेक युग भारती सदस्य नियमित रूप से रक्तदान करते हैं।
3. संस्कार (Culture)
पुस्तकालय (Library)
युग भारती के मेघ-पटल पर सनातन साहित्य का विविध संकलन उपलब्ध है।
प्रवचन (Sermons)
गत पाँच वर्षों से मुख्य संरक्षक श्री ओम शंकर अपने दैनिक प्रवचन से सदस्यों का मार्ग-दर्शन कर रहे हैं।
लेख (Articles)
युग भारती के अनेक सदस्य नियमित रूप से सामयिक विषयों पर लेख प्रकाशित करते हैं।
4. शिक्षा (Education)
अध्यापन (Teaching)
अनेक सदस्यों ने अपने कार्य से समय निकाल कर एकाधिक वर्ष विद्यालय को समर्पित किये।
छात्र-कल्याण (Student Support)
युग भारती के अनेक सदस्य निर्धन छात्रों के संबल एवं शिक्षणेतर कार्यक्रमों में संलग्न हैं.
गोष्ठियाँ (Seminars)
महत सामाजिक विषयों पर युग भारती ने अनेक विशाल गोष्ठियाँ/ चर्चायें आयोजित की हैं।
5. विकास (Growth)
ग्राम-विकास (Rural Growth)
ग्राम उत्पादों के प्रभावी विपणन हेतु मूल्य-संवर्धन (संशोधन, संकुलन) की दिशा में युग भारती ने प्रयास नाम से एक उद्यम संचालित किया।
सामाजिक सरोकार (Social Concern)
संकट-ग्रस्त जनों के सहयोग हेतु युग भारती के सदस्य सदा तत्पर रहते हैं, यथा – चिकित्सा, छात्रवृत्ति, राशन-वितरण, आदि।
वृत्ति संबल (Career Support)
नव-स्नातकों हेतु युग भारती के अनेक सदस्य परीक्षा तैयारी, व्यक्तित्व विकास, एवं वृत्ति विकास में सहयोग करते हैं।